हमने देखा कि जीवन से मृत्यु ज्यादा बेहतर है। इसके दो कारण हैं। पहला जीवन के पास कई विकल्प होते हैं परंतु मृत्यु के पास कोई विकल्प नहीं होता। जीवन अपने आप में कई भागों में बटा होता है जैसे कि हम से कह सकते हैं कि उम्र के अनुसार जीवन के कई भाग हैंजिसमें वह अपने आप में कई सारे टुकड़े हैं या हम यह कह सकते हैं कि जीवन समय के अनुसार बदलता रहता है जैसे मानव की पहली अवस्था बचपन है। उसके बाद जवानी ,बुढ़ापा आदी इन सारी अवस्था में मानव का जीवन बदलता रहता है। इन सारी अवस्था में जीवन के अनेक रूप सामने आते हैं। वह इन सभी अवस्था में अपने जीवन को समय के साथ अपनाता है। परंतु मृत्यु के साथ या मृत्यु के पास कोई व्यवस्था नहीं होती।कोई समय मृत्यु के साथ नहीं बल्कि मृत्यु अपने साथ समय को लेकर चलती है क्योंकि जब मृत्यु आती है तो जीवन का समय समाप्त हो जाता है। यही कारण है कि मृत्यु अपने साथ समय को लेकर चलती है और समय अपने साथ जीवन को लेकर चलता है। मृत्यु पहले समय को समाप्त करती है और समय जीवन को समाप्त करता है। मृत्यु तो मुफ्त में बदनाम है। समय ही जीवन को बनाता है और समय ही जीवन को खत्म करता है। समय एक प्रबल शक्ति है जो मृत्यु के अधीन रहकर ही काम करती है।
संदेश हमारा मकसद है। लोगों को जीवन का महत्व बताना जीवन अनमोल है। इसे व्यर्थ ना जाने दे। इसे मानव जाति के कल्याण के प्रति समर्पित करें। यही मानव धर्म है। यही मानवता यही जीवन है।

