हम सब मनुष्य का जीवन प्रकृति पर निर्भर है। अगर प्रकृति ने अपना संतुलन बनाए रखने के लिए मानव को सबसे ज्यादा शक्ति प्रदान की। मानव ने उस शक्ति का दुरुपयोग करके प्रकृति को नष्ट करने की कोशिश की। अगर ऐसा ही चलता रहा तो 1 दिन मानव जाति का सर्वनाश होना तय है। अगर हम सब चाहते हैं कि हमारा और हमारे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निश्चित रहिए और हम एक अच्छे समाज का निर्माण करें ताकि हम सभी मनुष्य सद्भावना और प्रेम से रहें ताकि हम और हमारी प्रगति दोनों ही जीवित रह सके। अगर हमें हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अच्छा वातावरण तैयार करना है तो हम सबको मिलकर प्रकृति को बचाना होगा। आज ग्लोबल वॉर्मिंग दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है। इसका जिम्मेदार एकमात्र मानव है। प्रगति ने सभी को समान रुप से जीवन प्रदान किया है।प्रकृति ने सभी जीवो को समान रूप से जीवन प्रदान किया परंतु सभी जीवो ने प्रगति की शरण में रहकर उसे काफी नुकसान नहीं पहुंचाया। शिवाय मनुष्य की मनुष्य ने प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया। अपने स्वार्थ के लिए अगर ऐसा ही चलता रहा तो आप सोचिए कि 13 मानव जाति का तो विनाश होगा ही। साथ में हम सभी जीवो का भी विनाश कर रहे हैं। आज कितने जीव विलुप्त हो चुके हैं। कितनी प्रजातियां विलुप्त हो चुकी है। इसका हमारे पास कोई अनुमान नहीं। हर जीव धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम सभी जीवो को खो देंगे। प्रगति का संतुलन बिगड़ रहा है। इसी की वजह से महामारी फैल रही है। हम आपसे निवेदन करते हैं कि तो लेती के संतुलन को बनाए रखने के लिए हमारी मदद कीजिए। हम चाहते हैं कि विश्व संसद का निर्माण करके इस समस्या का समाधान किया जाए।
संदेश हम चाहते हैं विश्व में शांति लाना और प्रकृति को वैसा ही बनाना जैसा ईश्वर ने उसे बनाया है। प्रगति के साथ खिलवाड़ करने वालों को कभी नहीं पक्षाचा सकता। हम चाहते हैं। विश्व में शांति और विश्व संसद का निर्माण। अगर आप भी चाहते हैं तो हमारा सहयोग दीजिए। प्लीज मुझे और कुछ नहीं चाहिए। विश्व में शांति चाहिए
नोट हम चाहते हैं विश्व में शांति लाना। अगर आप हमारा सहयोग करेंगे तो यह मुमकिन हो पाएगा। आप हमें ईमेल=Sandeepcharan235@gmali.com और मोबाइल91+8209102895 पर कांटेक्ट कर सकते हैं।

